इंदौर संभागायुक्त श्री भास्कर लाक्षाकार की अध्यक्षता में बुधवार को देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के ऑडिटोरियम में इंदौर सहकारी दुग्ध संघ की 43वीं वार्षिक साधारण सभा की बैठक आयोजित हुई। बैठक में संभागायुक्त श्री लाक्षाकार द्वारा उद्बोधन देते हुए बताया गया कि इंदौर सहकारी दुग्ध संघ द्वारा वर्ष 2025-26 में 9 जिलों में 1677 दुग्ध उत्पादक समितियों के माध्यम से 2.92 लाख किलोग्राम प्रतिदिन दूध का संकलन किया गया।

इस वर्ष संघ का वार्षिक टर्न ओवर 717.48 करोड़ रहा। वही 1447.62 लाख रुपए का संघ ने शुद्ध लाभ अर्जित किया गया। वित्तीय वर्ष 2026 - 27 की कार्ययोजनानुसार 909.39 करोड़ का टर्न ओवर निर्धारित किया गया। वही 2026- 27 में 400 नवीन दुग्ध सहकारी समितियों का गठन और 242 आर्काइट दुग्ध समितियों को पुनर्जीवित करने तथा 2305 दुग्ध सहकारी समितियों से 3.25 लाख केजी प्रतिदिन दुग्ध संकलन करने का लक्ष्य रखा गया।

बैठक में दुग्ध संघ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विशाल कुमार मिश्रा और प्रबंधन समितियों के अध्यक्ष व सदस्य मौजूद रहे।

दूध उत्पादक समितियों की मांगों के निराकरण के लिए जानकारी सदस्यों की समिति बनाई जाएगी

वार्षिक साधारण सभा की बैठक के दौरान दुग्ध उत्पादक समितियों के सदस्यों द्वारा कुछ मांगे रखी गई। संभागायुक्त श्री लाक्षाकार ने कहा कि मांगों को लेकर जानकारी किसानों या समितियों की एक समिति बनाई जाएगी। जो फेडरेशन, संघ, मार्केट और विपणन सबंधी कार्यों की जानकारी रखते हैं। उन्हें शामिल कर दूध के भाव बढ़ाने के साथ ही अन्य मांगों पर विचार करेगी।

दूध उत्पादक किसान व समितियों की मुख्य मांग दूध के भाव बढ़ाने को लेकर रही। इसके अलावा सदस्यों ने कहा कि आपत्ति के लिए मांगे गए सुझाव एक-दो दिन पहले प्राप्त हुए है। सूचनाएं समय पर नहीं मिलीं। क्षेत्रीय बैठक बैठकें बंद हो गई है।। प्रस्ताव पास होने के बाद भी बोनस नहीं मिला।

दुग्ध संघ के सीईओ श्री मिश्रा ने बोनस के सम्बंध में कहा कि समितियों और दूध उत्पादक किसानों को बोनस अगले दो माह में बैंक खातों के माध्यम से प्राप्त होगा।