मध्यप्रदेश वन विभाग द्वारा वन वृत्त खंडवा के अंतर्गत स्थानीय युवाओं को रोजगार एवं कौशल विकास के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 12 सितम्बर 2026 को चारखेड़ा तितली पार्क, हरसूद, जिला खंडवा में रोजगार मेले का आयोजन किया गया। रोजगार मेले में लगभग 700 युवाओं ने पंजीयन कराया, जिसमें से विभिन्न कंपनियों द्वारा लगभग 530 अभ्यर्थियों का चयन किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में मध्यप्रदेश शासन के जनजातीय कार्य विभाग मंत्री श्री कुंवर विजय शाह उपस्थित थे। रोजगार मेले में Welspun Living, RMS बैंगलोर, Tata Autocomp अहमदाबाद, Vardhman Yarns, L&T, Agrani Skill Development Society, Sagar Manufacturing Pvt. Ltd. सहित विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों ने सहभागिता की। इन संस्थानों द्वारा युवाओं को असेंबली ऑपरेटर, स्पिनिंग ऑपरेटर, वीविंग ऑपरेटर, प्रोसेस ऑपरेटर, मशीन ऑपरेटर, फिटर एवं इलेक्ट्रीशियन सहित विभिन्न पदों पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए।

चयनित अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण अवधि के दौरान 13 हजार रुपये तक का स्टाइपेंड प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण पूर्ण होने के उपरांत उन्हें 15 हजार रुपये से 25 हजार रुपये तक का मासिक वेतन मिलेगा। इसके साथ ही संबंधित कंपनियों द्वारा युवाओं को रियायती दरों पर छात्रावास एवं भोजन की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।

कार्यक्रम में मुख्य वन संरक्षक, खंडवा वृत्त सुश्री बासुकनौजिया, वन मंडलाधिकारी खंडवा श्री राकेश डामोर, एसडीओ खंडवा एवं प्रशिक्षु आई.एफ.एस. श्री अजय गुप्ता, Agrani Skill Development Society के सी.ई.ओ. श्री अनुज सक्सेना सहित वनमंडल खंडवा के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

उल्लेखनीय है कि खंडवा वन वृत्त द्वारा आयोजित यह दूसरा रोजगार मेला है। इससे पूर्व 2 अगस्त 2026 को उद्यमिता विकास केंद्र, आंवलिया, जिला खंडवा में प्रथम रोजगार मेले का आयोजन किया गया था, जिसमें 138 युवाओं को रोजगार प्रदान किया गया था। उस कार्यक्रम में भी जनजातीय कार्य विभाग के मंत्री श्री कुंवर विजय शाह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे।

रोजगार मेलों के माध्यम से खंडवा वन वृत्त द्वारा स्थानीय युवाओं को रोजगार, कौशल विकास एवं बेहतर भविष्य के अवसरों से जोड़ने की दिशा में अभिनव पहल की जा रही है। रोजगार सृजन, युवाओं के सशक्तिकरण, स्थानीय समुदायों के विकास तथा जनभागीदारी के माध्यम से वन संरक्षण जैसे उद्देश्यों को साथ लेकर की जा रही यह पहल क्षेत्र के सतत एवं समावेशी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।