इंदौर कलेक्टर कार्यालय के रिकॉर्ड रूम में रखे पुराने और महत्वपूर्ण शासकीय अभिलेखों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाएगी। कलेक्टर शिवम वर्मा ने 23 सितंबर को आकस्मिक निरीक्षण के दौरान रिकॉर्ड के रखरखाव, वर्गीकरण और निगरानी से जुड़ी व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

अभिलेखों के लिए पर्याप्त रैक और प्रवेश नियंत्रण

कलेक्टर ने अधिकारियों से विभिन्न शासकीय अभिलेखों की स्थिति और उनकी सुरक्षा के बारे में जानकारी ली। उन्होंने रिकॉर्ड रूम को अधिक व्यवस्थित बनाने तथा जरूरी दस्तावेज सुरक्षित रखने के लिए पर्याप्त रैक और अन्य आवश्यक संसाधन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

खास बातें

  • पुराने और महत्वपूर्ण अभिलेखों के लिए पर्याप्त रैक लगाने के निर्देश
  • रिकॉर्ड रूम में प्रवेश नियंत्रण और निगरानी प्रभावी बनाने पर जोर
  • सहायता केंद्र पर नागरिकों से सुविधाओं का फीडबैक लिया गया

अभिलेखों को श्रेणीवार व्यवस्थित करके सुरक्षित रखने को कहा गया है। रिकॉर्ड रूम में अनधिकृत व्यक्तियों का प्रवेश नियंत्रित करने के साथ निगरानी और संरक्षण व्यवस्था प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया गया।

कलेक्टर ने महत्वपूर्ण शासकीय दस्तावेजों के सुरक्षित संधारण को आवश्यक बताते हुए रिकॉर्ड रूम की व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। ये निर्देश व्यवस्था सुधारने के लिए दिए गए हैं; रिलीज में इनके पूरा होने की जानकारी नहीं दी गई है।

सहायता केंद्र पर नागरिकों से लिया फीडबैक

कलेक्टर ने कार्यालय में नागरिकों की सुविधा के लिए बनाए गए सहायता केंद्र का भी निरीक्षण किया। उन्होंने वहां उपलब्ध सुविधाओं और मार्गदर्शन की जानकारी लेने के साथ केंद्र पर आए नागरिकों से उनकी समस्याओं, जरूरतों और मिल रही सहायता के बारे में फीडबैक लिया।

अधिकारियों को कहा गया कि कार्यालय आने वाले प्रत्येक नागरिक को जरूरी जानकारी और उचित मार्गदर्शन आसानी से मिले। सहायता केंद्र को नागरिकों की समस्या संबंधित अधिकारी या शाखा तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बनाने तथा लोगों को अनावश्यक रूप से अलग-अलग शाखाओं में भटकने से बचाने के निर्देश दिए गए।

प्रशासन के अनुसार सहायता केंद्र का उद्देश्य नागरिकों को सरल, सहज और सम्मानजनक तरीके से मदद देना है। अब केंद्र की कार्यप्रणाली अधिक प्रभावी बनाने और रिकॉर्ड रूम की व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा पर काम किया जाना है।