अंतराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण विदिशा श्री शेख सलीम के मार्गदर्शन में श्री हरिवृद्धाश्रम में वृद्धजनों के सम्मान, उनके विधिक अधिकारों के प्रति जागरूकता तथा स्वास्थ्य परीक्षण के उद्देश्य से जागरूकता एवं मेडिकल कैम्प का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के प्रारंभ में उपस्थित अतिथियों द्वारा वृद्धजनों से आत्मीयता का संवाद किया गया। इस
अवसर पर प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री शेख सलीम ने कहा कि वृद्धजन हमारे परिवार और समाज की अमूल्य धरोहर है। उनके अनुभव और जीवन से प्राप्त ज्ञान आने वाले पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक है। वृद्धवस्था में व्यक्ति को सम्मान, सुरक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं
तथा उनके अधिकारों की जानकारी मिलना अत्यंत आवश्यक है उन्होंने कहा कि वृद्धजनों के अधिकारो की रक्षा के लिए विधिक सेवा प्राधिकरण सदैव तत्पर है तथा किसी भी वृद्धजन को अपने अधिकारों के संरक्षण अथवा विधिक सहायता की आवश्यकता होने पर वे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से संपर्क कर
श्री नितेन्द्र सिंह तोमर, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण विदिशा द्वारा अपने संबोधन में वृद्धजनों के उनके अधिकारों एवं उपलब्ध विधिक सहायता के संबंध में जानकारी दी गई। उन्होने ने
बताया कि वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण, सम्मानपूर्वक जीवनयापन, सम्पत्ति एवं अन्य अधिकारो के संरक्षण के लिए विधि में प्रावधान किए गए है। उन्होने वृद्धजनों से कहा कि किसी भी प्रकार की समस्या, उपेक्षा अथवा अधिकारो के उल्लंघन की स्थिति में वे बिना किसी संकोच के जिला विधिक सेवा प्राधिकरण
को अवगत कराये। उन्होने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का उद्देश्य समाज के कमजोर एवं जरूरतमंद वर्ग को सुलभ एवं निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराना है।
श्री अनूप वर्मा सिविल सर्जन द्वारा अपने वक्तव्य में वृद्धावस्था में स्वास्थ्य के प्रति विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला गया। उन्होने कहा कि उम्र बढ़ने के साथ नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, संतुलित आहार, समय पर दवाईयों का सेवन तथा चिकित्सीय परामर्श अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने वृद्धजनों को अपने स्वास्थ्य से संबंधित किसी भी परेशानी को नजरअंदाज न करने तथा समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण कराने की सलाह दी।
कार्यक्रम के दौरान प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा श्री हरिवृद्धाश्रम में निवासरत वृद्धजनो को उनके दैनिक उपयोग की सामग्री की किट एवं फल प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस दौरान उन्होंने वृद्धजनों से व्यक्तिगत रूप से संवाद करते हुए उनका कुशलक्षेम जाना तथा उनकी दैनिक जीवन से संबंधित समस्याओं एवं आवश्यकतों के बारे में जानकारी ली।
वृद्धजनो का स्वास्थ्य परीक्षण एवं दवाई वितरण -
कार्यक्रम के उपरांत वृद्धजनों के लिए स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित किया गया। शिविर में चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा वृद्धजनों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। चिकित्सकों द्वारा वृद्धजनों के स्वास्थ्य से संबंधित आवश्यक जांच एवं परीक्षण कर उन्हे चिकित्सीय परामर्श प्रदान किया
गया। चिकित्सको द्वारा आवश्यकतानुसार दवाईयों का वितरण भी किया गया तथा वृद्धजनों को नियमित रूप से दवाई लेने, खानपान एवं स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों का पालन करने की सलाह दी गई। चिकित्सकों की टीम में डॉ. श्री अनूप वर्मा सिविल सर्जन, डॉ. श्री राजकुमार वर्मा मेडिसिन विशेषज्ञ, डॉ. श्री अशोक राजपूत मनोरोग विशेषज्ञ एवं डॉ. प्रांजल नागर दंत विशेषज्ञ उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के उद्देश्य वृद्धजनों को यह विश्वास दिलाना रहा कि वे समाज से अलग नही है, बल्कि समाज का महत्वपूर्ण हिस्सा है तथा उनके सम्मान, सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं अधिकारों के संरक्षण के लिए शासन प्रशासन एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण निरंतर प्रयासरत है। इस अवसर पर बडी संख्या में वृद्धजन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारीगण - कर्मचारीगण, स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सक एवं कर्मचारी, श्री हरिवृद्धाश्रम के प्रबंधक एवं
कर्मचारीगण, लीगल एड डिफेंस काउंसिल्स एवं पैरालीगल वालेंटियर्स उपस्थित हुए।






