इंदौर में सिंधी समाज की कला, संस्कृति और विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से सिंधु कला केंद्र के प्रस्तावित भवन का भूमिपूजन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भोपाल स्थित मुख्यमंत्री निवास के समत्व भवन से समारोह में वर्चुअली शामिल हुए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इंदौर में सिंधु कला केंद्र का भव्य भवन बनाया जाएगा। उनके अनुसार यह केंद्र आने वाली पीढ़ियों को सिंधी समाज की कला, संस्कृति और विरासत से परिचित कराने का माध्यम बनेगा।
खास बातें
- इंदौर में सिंधु कला केंद्र के भवन का भूमिपूजन
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भोपाल से वर्चुअली जुड़े
- राजा दाहिर, संत कंवरराम और हेमू कालानी की जीवनी पाठ्यक्रम में शामिल
तीन सिंधी विभूतियों की जीवनी पाठ्यक्रम में
डॉ. यादव ने बताया कि वीर राजा दाहिर, समाज सुधारक संत कंवरराम और शहीद हेमू कालानी की जीवनियां प्रदेश के स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल की गई हैं। उन्होंने इसे सिंधी समाज की विरासत को आगे बढ़ाने की राज्य सरकार की प्रतिबद्धता से जोड़ा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विभाजन के दौरान अपना जन्मस्थान, घर और कारोबार छोड़ने के बावजूद सिंधी समाज ने अपने संस्कार, आस्था और साहस को बनाए रखा। उन्होंने समाज के संघर्ष, परिश्रम और चुनौतियों को अवसर में बदलने की क्षमता का उल्लेख किया।
उद्घाटन में शामिल होने का आश्वासन
मुख्यमंत्री ने भगवान झूलेलाल का स्मरण करते हुए सिंधु कला केंद्र के उद्घाटन समारोह में शामिल होने का आश्वासन दिया। समारोह में सांसद शंकर लालवानी, ईश्वर जमनानी, अन्य जनप्रतिनिधि और सिंधी समाज के प्रमुख सदस्य उपस्थित रहे।




