उज्जैन, 19 सितंबर। 2028 में आयोजित होने वाले सिंहस्थ महापर्व को सुव्यवस्थित, सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज हो गई हैं। पर्व के दौरान उमड़ने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं और साधु-संतों के निर्बाध आवागमन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के दल ने शनिवार को प्रस्तावित वैकल्पिक मार्ग का विस्तृत स्थल निरीक्षण किया।

निरीक्षण दल में संभागायुक्त एवं सिंहस्थ मेला अधिकारी श्री आशीष सिंह, एडीजी श्री राकेश गुप्ता, कलेक्टर श्री रौशन कुमार सिंह, डीआईजी श्री नवनीत भसीन, नगर निगम आयुक्त श्री अभिलाष मिश्रा, एसपी श्री प्रदीप शर्मा तथा अपर आयुक्त श्री संतोष टैगोर सहित नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे।

अधिकारियों की इस संयुक्त टीम ने कार्तिक चौक से शुरू होकर गणगौर दरवाजा, बड़ा पुल, जूना सोमवारिया होते हुए बिना नींव की मस्जिद तक के पूरे मार्ग पर पैदल भ्रमण कर मौके की स्थिति का जायजा लिया।स्थल निरीक्षण के दौरान संभागायुक्त श्री आशीष सिंह ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सिंहस्थ महापर्व के दौरान प्रमुख स्नान पर्वों के अवसर पर संत-महात्माओं की पेशवाई और अखाड़ों के जुलूस को बिना किसी बाधा के निकलने की व्यवस्था की जाए।

इसके साथ ही देश-विदेश से आने वाले आम श्रद्धालुओं को शिप्रा नदी के विभिन्न घाटों तक आसानी से पहुंचने और स्नान के बाद सुरक्षित लौटने के लिए सर्वसुविधायुक्त वैकल्पिक मार्ग आवश्यक है। संभागायुक्त श्री सिंह ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इस पूरे प्रस्तावित मार्ग का तकनीकी व व्यावहारिक सर्वे कराया जाए और एक विस्तृत रिपोर्ट (DPR) तैयार कर शीघ्र प्रस्तुत की जाए।

संभागायुक्त श्री सिंह ने कहा कि सिंहस्थ महापर्व के दौरान शहर में यातायात का दबाव अत्यधिक बढ़ जाता है। ऐसे में समय रहते वैकल्पिक मार्गों का निर्धारण कर उन्हें विकसित करने से यातायात व्यवस्था सुचारू रहेगी और साधु-संतों व आम नागरिकों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सर्वे रिपोर्ट के आधार पर कार्ययोजना तय की जाएगी।