इंदौर जिले में 23 सितंबर को स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों तक आयुर्वेद आधारित स्वास्थ्य जागरूकता अभियान पहुंचा। 11वें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस पर हुए कार्यक्रमों में बच्चों, किशोरियों और महिलाओं की स्वास्थ्य जांच की गई।
अभियान का आयोजन 25 शासकीय आयुर्वेद औषधालयों, आयुष विंग और एकीकृत आयुष चिकित्सालय ने जिला प्रशासन के निर्देशन में किया। जांच के बाद जरूरत के अनुसार स्वास्थ्य परामर्श, उपचार और औषधियां दी गईं।
खास बातें
- 25 शासकीय आयुर्वेद औषधालयों और आयुष संस्थानों ने कार्यक्रम आयोजित किया
- स्कूली बच्चों और स्टाफ को जांच के बाद परामर्श व आवश्यक औषधियां दी गईं
- महिलाओं को रजोनिवृत्ति, गर्भावस्था की जांच और संस्थागत प्रसव की जानकारी मिली
बच्चों को दिनचर्या और योग की समझ
विभिन्न विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों और स्कूल स्टाफ का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। विद्यार्थियों को दिनचर्या, ऋतुचर्या, स्वास्थ्यवर्धक आहार और उचित विहार की उपयोगिता समझाई गई।
बच्चों को योग का महत्व बताने के साथ अलग-अलग मुद्राओं और अभ्यासों की जानकारी भी दी गई। उन्हें आयुर्वेद और योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया गया।
महिलाओं के लिए उम्र और गर्भावस्था से जुड़ा परामर्श
आंगनवाड़ी केंद्रों के शिविरों में चिकित्सकीय और पैरामेडिकल स्टाफ ने किशोरियों व महिलाओं की जांच की। 45 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को रजोनिवृत्ति और पेरीमेनोपॉज के सामान्य लक्षणों तथा उनके प्रबंधन के बारे में बताया गया।
गर्भवती महिलाओं को संस्थागत प्रसव, नियमित स्वास्थ्य जांच और चिकित्सकीय परामर्श का महत्व समझाया गया। पंचकर्म जैसी प्रक्रियाओं की जानकारी देते हुए इन्हें केवल योग्य चिकित्सक की सलाह और निगरानी में अपनाने को कहा गया।






